भारत का खान-पान जितना विविध, समृद्ध और स्वाद से भरा है, उतना ही अनोखा और प्रयोगशील भी है। यहाँ पर छोटी से छोटी सामग्री का उपयोग भी इतनी निपुणता और कल्पनाशीलता के साथ किया जाता है कि साधारण-सी सब्ज़ी भी मिठाई में बदल जाती है। ऐसी ही एक अनोखी और पारंपरिक व्यंजन है| हरे मटर की खीर। एक पारंपरिक, अनोखी, देखने में मनमोहक और स्वाद में बेहद खास भारतीय मिठाई है। आमतौर पर खीर चावल, साबूदाना, सूजी , लौकी, साबूदाना, कद्दू आदि की खाई होगी, लेकिन हरे मटर की खीर एक ऐसा स्वाद बनाई जाती है, लेकिन हरा मटर अपने आप में एक ऐसा घटक है जो खीर को एक नई पहचान देता है मीठी, मलाईदार और हल्की सुगंध वाली, जिसमें मटर की प्राकृतिक मिठास और खुशबू मिलकर अनोखा स्वाद बनाती है। यह खीर खासतौर पर सर्दियों में बनाई जाती है जब ताज़ा हरे मटर उपलब्ध होते हैं।जो भारत के कुछ खास क्षेत्रों में ही बहुत प्रसिद्ध है। यह विशेष रूप से पूर्वांचल, अवधी क्षेत्र, बिहार, और ग्रामीण उत्तर भारत की सर्दियों की परंपरा से जुड़ी हुई है। हरे मटर की मिठास, दूध की मलाईदार बनावट और गुड़ की प्राकृतिक खुशबू जब ये सभी चीजें मिलती हैं तो एक ऐसा स्वाद उत्पन्न होता है जो अनोखा और यादगार बन जाता है। अब आइए विस्तार से जानें कि हरे मटर की खीर कैसे बनती है, उसका इतिहास क्या है, स्वाद कैसा होता है और कौन-कौन सी इस विस्तर पुरबक में हम हरी मटर की खीर बनाने की हर छोटी-बड़ी बात समझेंगे, ताकि आप इसे घर पर बिलकुल परफेक्ट, बाजार जैसी नहीं बल्कि उससे भी ज्यादा शानदार बना सकें।
नीचे घर पर “हरे मटर की खीर” (Hare Matar ki Kheer) बनाने की पूरी विधि दी गई |
Taaje Hare Matar Kee Resipee Banaaya Ghar Par ताज़े हरे मटर के खीर घर पर बनाए बिल्कुल रेस्टोरेंट जैसा स्वाद सर्दियों की खास रेसिपी मलाईदार खीर स्वाद में लाजवाब सेहत में भरपूर |
Taaje Hare Matar Kee Resipee Banaaya Ghar Par |हरे मटर की खीर क्या है और क्यों खास है? (परिचय)
हरे म टर की खीर एक ऐसी अनोखी और पौष्टिक मिठाई है। जिसमें खीर की पारंपरिक दूध मलाईदारी और मटर की प्राकृतिक मिठास मिलकर एक बेहद नाजुक और स्वाद में बेहद संतुलित तैयार करते हैं। देखने में आकर्षक बनाते हैं। इसे विशेष अवसरों पर या सर्दियों में बनाना खास पसंद किया जाता है। खीर में मटर का रंग हल्का हरा होता है—दमदार, ताज़गी से भरपूर, जो देखने में ही आकर्षक लगता है।, मलाईदार बनावट और खुशबू सभी को लुभाती है। साथ ही, मटर में मौजूद प्रोटीन, फाइबर और विटामिन इसे स्वास्थ्यवर्धक भी बनाते हैं। मटर में हल्की मिठास होती है और जब इसे दूध, घी और मेवों के साथ मिलाया जाता है, तो स्वाद कई गुना बढ़ जाता है। भारत के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान में सर्दियों के मौसम में यह खीर खासतौर से बनाई जाती है। कई जगह इसे हरी मटर की मखमली खीर, मटर की मीठी खीर, या मटर हलवा भी कहा जाता है (हालांकि हलवा का तरीका थोड़ा अलग होता है)।
हरी मटर की खीर बनाने के लिए आवश्यक सामग्री (Ingredients)
नीचे दी गई सामग्री 4–5 लोगों के लिए पर्याप्त है। यदि आप ज़्यादा लोगों के लिए बनाना चाहते हैं तो इसी अनुपात में बढ़ा सकते हैं।
मुख्य सामग्री
• ताज़े हरे मटर – 2 कप
• फुल-फैट दूध – 1 लीटर
• चीनी / शक्कर – ½ कप से ¾ कप (स्वादानुसार)
• घी – 2 बड़े चम्मच
• मावा/खोया – ½ कप (वैकल्पिक लेकिन स्वाद दोगुना करता है)
सुगंध व स्वाद के लिए
• इलायची पाउडर – ½ चम्मच
• केसर – 10–12 धागे (वैकल्पिक)
• गुलाब जल – ½ चम्मच (वैकल्पिक)
• केवड़ा जल – 4–5 बूंद (वैकल्पिक)
मेवे
• बादाम – 10–12
• काजू – 7–8
• पिस्ता – 10–12
• किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
मेवे को बारीक या हल्का दरदरा काट सकते हैं।
हरी मटर की खीर बनाने से पहले की तैयारी
हरे मटर की खीर का हर स्टेप महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि दूध और मटर का सही मिश्रण, पकाने का समय और मेवे का सही उपयोग स्वाद को परफेक्ट बनाता है। खीर को बहुत शानदार बनाने में तैयारी का बड़ा रोल होता है।
1. मटर का चयन कैसे करें?
• ताज़े, मीठे, हल्के हरे रंग के मटर चुनें।
• बहुत अधिक कड़क या दानेदार मटर से मिठास कम होती है।
• हरे मटर की खीर के लिए ऐसे मटर चुनें ,ताज़ा हों,ज्यादा सख्त न हों,मीठे हों,हल्के चमकीले हरे रंग के हों,पुराने या सूखे मटर इस खीर का स्वाद खराब कर देते हैं।
• जमे हुए (frozen) मटर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन ताजे मटर का स्वाद बिल्कुल अलग होता है।
Not क्यों ताज़ा मटर ज़रूरी है:- क्योंकि ताज़ा मटर में प्राकृतिक मिठास और नमी होती है, जो दूध के साथ मिलकर खीर को बेहद स्वादिष्ट बनाती है।
2. मटर को कैसे उबालें?
• मटर को बस हल्का नरम होने तक उबालें या प्रेशर कुकर में 1 सीटी दें। बहुत ज़्यादा उबालने पर इसका रंग फीका हो सकता है।
3. मटर का पेस्ट कैसे बनाएं?
• उबले मटर को छानकर ठंडा करें। मटर को उबालकर मिक्सर में बारीक पीस लें। मिक्सर में पीसते समय बहुत अधिक जरूरत पड़ने पर थोड़ा दूध या पानी डालें।पेस्ट को इतना महीन बनाएं कि खीर में कोई कच्चा दाना महसूस न हो।
4. दूध को उबालना क्यों ज़रूरी है?
• खीर के लिए दूध हमेशा उबलकर रिड्यूस किया हुआ होना चाहिए। दूध को धीमी आंच पर उबालें और हल्का गाढ़ा होने दें। गाढ़ा दूध खीर की मलाईदार बनावट के लिए आवश्यक है। इससे स्वाद दुगना होता है और खीर गाढ़ी बनती है।
हरी मटर की खीर बनाने की पूरी विस्तार विधि (Step-by-Step Recipe)
स्टेप 1: मटर की प्यूरी तैयार करें
• मटर को अच्छी तरह धो लें। धोकर एक कुकर में 1 कप पानी के साथ डालें।2 – 1 सीटी आने तक पकाएं उबालने के बाद कुकर ठंडा होने पर मटर छान लें और ठंडा होने दें। अब मटर को मिक्सर में डालें, 2–3 बड़े चम्मच दूध मिलाएं और बारीक पेस्ट बना लें। पेस्ट को अलग रख दें। ध्यान रखें—अगर मटर का पेस्ट बहुत मोटा है तो थोड़ा दूध मिलाकर स्मूद करें। जितना स्मूद होगा, खीर उतनी मुलायम बनेगी।
[ ] ग्रामीण परंपरा
गाँवों में मटर को सिल-बट्टे पर पीसा जाता था।
इससे पेस्ट में एक प्राकृतिक टेक्सचर आता था।
स्टेप 2: दूध को उबालना और गाढ़ा करना
• एक भारी तले वाले बर्तन (kadhai या saucepan) में दूध डालें। मध्यम आंच पर दूध को उबलने दें। उबलने के बाद आंच धीमी करके दूध को 10–12 मिनट तक पकाएं ताकि वह 15–20% तक रिड्यूस हो जाए। बीच-बीच में चलाते रहें, नहीं तो दूध तले में लग सकता है।
यह स्टेप खीर के असली क्रीमी टेक्सचर के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
नोट: दूध का गाढ़ा होना खीर की मलाईदार बनावट के लिए जरूरी है।
स्टेप 3: मटर पेस्ट और घी का मेल
• एक दूसरी कड़ाही में घी गर्म करें। जब घी गर्म हो जाए तो तैयार मटर का पेस्ट डालकर मध्यम आंच पर भूनें। 5–6 मिनट तक मध्यम आंच पर भूनें। पेस्ट को लगातार चलाते रहें। जब तक मटर का कच्चापन खत्म न हो जाए। जब पेस्ट घी छोड़ने लगे और रंग थोड़ा गहरा हरा हो जाए, तब समझें कि यह पूरी तरह भुन चुका है।
इस स्टेप को हल्के में न लें—इसी से खीर का स्वाद तय होता है। इससे खीर में कच्चापन नहीं आता और स्वाद भी बढ़ता है।
स्टेप 4: भुना हुआ मटर पेस्ट दूध में मिलाएं
• दूध वाला बर्तन धीमी आंच पर रखें। अब इसमें भुना हुआ मटर पेस्ट डालें और अच्छे से मिलाएं। लगातार चलाते रहें ताकि पेस्ट दूध में अच्छे से घुल जाए। 10–12 मिनट तक खीर को धीमी आंच पर पकने दें। इस दौरान खीर धीरे-धीरे गाढ़ी होने लगेगी।
[ ] ध्यान रखने योग्य बातें:- आँच धीमी रखें पेस्ट डालते ही तुरंत चलाना शुरू कर दें नहीं तो पेस्ट दूध में गुठली बना सकता है इसे 10–15 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ।
स्टेप 5: चीनी और मावा मिलाना
• अब खीर में चीनी डालें और चीनी घुलते ही खीर का मिश्रण थोड़ा पतला होगा—यह सामान्य है। यदि आपके पास मावा है तो उसे मसलकर खीर में डालें और 3–4 मिनट तक पकाएं। मावा खीर को एक रिच, मलाईदार बनावट देता है।
स्टेप 6: मेवे और फ्लेवर्स डालना
• अब कटे हुए काजू, बादाम, किशमिश और पिस्ता डालें। इलायची पाउडर मिलाएं। अगर आप चाहें तो केसर को 2 बड़े चम्मच गर्म दूध में भिगोकर डाल दें। अंत में यदि जरूरत हो तो गुलाब जल या केवड़ा मिलाएं।खीर को 2–3 मिनट तक धीमी आंच पर उबलने दें। जब खीर आपकी पसंद अनुसार गाढ़ी हो जाए, गैस बंद कर दें। खीर को 10 मिनट तक ढककर रखें ताकि सभी फ्लेवर अच्छी तरह घुल-मिल जाएं।
खीर की गाढ़ाई कैसी होनी चाहिए?
• अगर आप Matar वाली खीर जितनी गाढ़ी चाहते हैं, तो इसे थोड़ा और पकाएं।
• अगर हल्की और ज्यादा फ्लोइंग खीर चाहिए तो थोड़ा दूध और मिलाया जा सकता है।
सर्विंग के समय इसे ठंडा करने से खीर खुद-ब-खुद थोड़ी और गाढ़ी हो जाती है।
खीर को परोसने के तरीके
आप इस खीर को तीन तरह से परोस सकते हैं:
1. गर्म खीर:-सर्दियों में बेहद स्वादिष्ट लगती है।
2. ठंडी खीर:- फ्रिज में 2–3 घंटे रखने पर इसका स्वाद और कलर दोनों निखर जाते हैं।
3. फ्यूजन स्टाइल:- खीर के ऊपर पिस्ता क्रीम डालकर या वनीला आइसक्रीम की एक स्कूप के साथ!

स्वाद, सुगंध और टेक्सचर का विश्लेषण
[ ] स्वाद
हल्का मीठा
मटर की सौम्य मिठास
दूध की मलाई
गुड़ की गर्माहट
[ ] सुगंध
मटर और घी की भुनाई
इलायची की खुशबू
दूध की उबलती महक
[ ] टेक्सचर
मुलायम
हल्का दानेदार
क्रीमी
मटर की हल्की परतें
कौन-सी गलतियाँ खीर खराब कर देती हैं?
1. मटर को अधिक उबालना
2. पेस्ट अच्छी तरह न भूनना
3. दूध को बहुत तेजी से पकाना
4. गुड़ को तेज आँच पर डालना
5. गाढ़ापन न नियंत्रित कर पाना
इन बातों का ध्यान रखें।
हरी मटर की खीर के राज़ (Taaje Hare Matar Kee Resipee Banaaya Ghar Par
1. मटर का चुनाव ही सबसे बड़ा राज़ है
जितना मीठा और ताज़ा मटर होगा, खीर उतनी ही स्वादिष्ट बनेगी।
2. मटर को ठीक से भूनना
अगर आप मटर का पेस्ट बिना भुने सीधे दूध में डाल देंगे तो खीर में कच्चा स्वाद आएगा।
3. दूध को अच्छी तरह रिड्यूस करना
रिड्यूस किया हुआ दूध खीर को बाजार जैसा रिच स्वाद देता है।
4. मावा
खीर की richness कई गुना बढ़ जाती है।
5. बहुत ज़्यादा मीठा न करें
मटर में पहले से हल्की मिठास होती है, इसलिए चीनी संतुलित ही रखें।
सेहत के फायदे (Benefits)
हरी मटर की खीर है:
• विटामिन A, B और C से भरपूर
• फाइबर युक्त
• ऊर्जा देता है
• बच्चों और बुजुर्गों दोनों के लिए फायदेमंद
• सर्दियों के लिए परफेक्ट
• पोषक तत्वों से भरपूर: प्रोटीन, फाइबर और विटामिन।
• पाचन के लिए अच्छा: फाइबर से पेट साफ रहता है।
• ऊर्जा देने वाली मिठाई: हल्की मीठास।
• बच्चों और बड़ों दोनों के लिए: स्वाद और पोषण दोनों।
खीर में बदलाव (Variations)
1. गुड़ वाली मटर खीर
चीनी की जगह गुड़ डालें (दूध में गुड़ हमेशा गैस बंद करके मिलाएं)।
2. नारियल वाली मटर खीर
दूध में ½ कप नारियल का दूध डालें—दक्षिण भारतीय स्वाद मिलेगा।
3. ड्राई-फ्रूट स्पेशल मटर खीर
बादाम का पेस्ट मिलाकर और भी रिच बनाएं।
खीर की गाढ़ाई और क्रीमी बनावट
• अगर खीर पतली लगे तो 5 मिनट और पकाएं।
• ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा दूध मिलाएं।
• ठंडी खीर थोड़ी और गाढ़ी हो जाती है।
बची हुई खीर का उपयोग
• इसे कुल्फी के सांचे में डालकर मटर कुल्फी बना सकते हैं।
• इसे ब्रेड पर फैलाकर bread pudding का ट्विस्ट बना सकते हैं।
छोटे टिप्स और ट्रिक्स
• मटर हमेशा ताजा लें।
• दूध को लगातार चलाते रहें।
• मावा खीर को रिच बनाता है।
• मेवे हल्के भूनें।
• चीनी संतुलित डालें, मटर में हल्की मिठास होती है।
निष्कर्ष
हरी मटर की खीर एक ऐसी डिश है जो पारंपरिक खीर से अलग होते हुए भी उतनी ही स्वादिष्ट, पौष्टिक और बनावट में शानदार होती है। इसे बनाने में थोड़ी मेहनत ज़रूर है, लेकिन जब आप पहली बार इसका स्वाद चखेंगे, तो यकीन मानिए—आपके दिल और स्वाद दोनों को यह जीत लेगी। सही तरीके से बनाने पर यह बच्चों और बड़ों दोनों को बेहद पसंद आती है। लेकिन इसका स्वाद बहुत अनोखा और आकर्षक होता है। इसे बनाने की प्रक्रिया में धैर्य, धीमी आँच और सही तकनीक की आवश्यकता होती है। एक बार इसे सही तरीके से बना लिया, तो यह सर्दियों का आपका मनपसंद व्यंजन बन सकता है।
हरे मटर की खीर बनाने में कुल 35–50 मिनट लगते हैं।
समय आपके तरीके और आँच पर निर्भर करता है।
1. मटर छीलना और धोना — 5 मिनट
ताज़ा मटर हो तो छीलने में थोड़ा समय लग सकता है।
2. मटर उबालना — 3–5 मिनट
हल्का उबालना है, ज़्यादा नहीं।
3. मटर का पेस्ट बनाना — 2 मिनट
4. दूध उबालना और थोड़ा गाढ़ा करना — 10–15 मिनट
5. मटर के पेस्ट को घी में भूनना — 7–10 मिनट
यह सबसे ज़रूरी स्टेप है।
6. दूध में मिलाकर पकाना — 10 मिनट
7. चीनी/गुड़ और मेवे डालना — 3–5 मिनट
कुल समय:- 35 से 50 मिनट
हरे मटर की खीर की विशेषताएँ
हरे मटर की खीर की पाँच अनोखी खासियतें हैं:
1. रंग
इसका रंग हल्का हरा, ताज़गी भरा और देखने में बहुत सुंदर होता है।
2. स्वाद
इसका स्वाद पारंपरिक खीर से अलग होता है—
हल्की-सी सब्ज़ी जैसी मिठास
दूध की मलाईदार खुशबू
मटर का मुलायम पेस्ट
गुड़/चीनी की मिठास
ये सब मिलकर एक अनोखा स्वाद बनाते हैं।
पोषण
यह खीर बेहद पौष्टिक है क्योंकि इसमें—
प्रोटीन (मटर और दूध से)
कैल्शियम (दूध से)
आयरन और फाइबर (मटर से)
प्राकृतिक ऊर्जा (गुड़ से)
भरपूर मात्रा में मिलते हैं।
मौसमी मिठाई
यह खीर मुख्यतः सर्दियों में बनाई जाती है। ठंडे मौसम में मटर की ताज़गी और गुड़ की गर्माहट शरीर को ऊर्जा देती है।
कम सामग्री में शानदार स्वाद
यह बिना महंगी सामग्री के केवल मटर, दूध और गुड़ से बन जाती है।
हरे मटर की खीर का इतिहास और सांस्कृतिक महत्व
हरे मटर भारत में मुख्यतः सर्दियों में उपलब्ध होता है। भारत के गाँवों में सर्दियाँ केवल ठंड का मौसम नहीं, बल्कि उत्सवों, फसल कटाई, और विविध परंपराओं का समय होता है। इस मौसम में घरों में ताज़ी सब्जियाँ, ताज़ा दूध और गुड़ भरपूर मिलता है। लोग गर्म, सुगंधित और पौष्टिक भोजन बनाते हैं।
इसी परंपरा के बीच एक अनोखा प्रयोग हुआ — हरे मटर को मिठाई में उपयोग करने का।
गाँवों में लोग समय-समय पर नई चीजें आज़माते रहते थे। एक समय किसी गृहिणी ने हरे मटर को दूध में मिलाकर पकाया, उसमें गुड़ मिलाया और गाढ़ा किया। परिणाम था — एक बेहद ही स्वादिष्ट और अनोखी हरी, मीठी और मलाईदार खीर। आज भी यह व्यंजन ग्रामीण क्षेत्रों में बुजुर्गों और पुराने परिवारों के बीच बड़ी लोकप्रिय है, परंतु शहरी इलाकों में इसे बहुत कम लोग जानते हैं।
ताज़े हरे मटर के मुलायम छिलके खीर
हरी मटर की खीर भारत में पारंपरिक मिठाई है। लेकिन जब हम हरे मटर के छिलके (Peas Husk) इस्तेमाल करते हैं, तो यह स्वाद में हल्की और मलाईदार, स्वास्थ्यवर्धक और खास बन जाती है। मटर के छिलके में फाइबर भरपूर होता है, जो पाचन के लिए अच्छा है। इसे आमतौर पर बच्चे और बड़े दोनों पसंद करते हैं, क्योंकि इसका स्वाद हल्का मीठा और मलाईदार होता है। छिलके वाली खीर, साधारण मटर वाली खीर से थोड़ी अलग होती है:हल्की हरी रंगत,ज्यादा फाइबर,प्राकृतिक मिठास और मलाईदार बनावट हरे मटर के छिलके में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर होते हैं। खीर बनाने में दूध, घी और मावा मिलाकर इसे पौष्टिक और स्वादिष्ट बनाया जाता है।
मुख्य सामग्री
सामग्री (Kheer बनाने की सामग्री आपको ज़्यादा चीज़ों की जरूरत नहीं होगी। नीचे दी गई सामग्री 5-4 लोगों के लिए पर्याप्त है:
• ताज़े हरे मटर के मुलायम छिलके – 2 कप(ताज़े)
• फुलफैट-क्रीम दूध – 1 लीटर
• मावा/खोया – ½ कप
• शक्कर/चीनी – ½–¾ कप (स्वाद अनुसार)
• घी – 1 से 2 बड़े चम्मच
सुगंध और फ्लेवर व मेवे
मेवे
पिस्ता – 10–12
• काजू – 6–7(बारीक कटे हुए)
• बादाम – 8–10(बारीक कटे हुए)
• किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
सुगंध
• इलायची पाउडर – ½ चम्मच
• केसर – 8–10 धागे
• 8. गुलाब जल – ½ चम्मच (वैकल्पिक)
• 9. केवड़ा जल – 4–5 बूंद (वैकल्पिक)
मटर के छिलके का इस्तेमाल कैसे करें? (सबसे ज़रूरी हिस्सा)
तैयारी से पहले टिप्स रखें:
हरे मटर के छिलके चुनना केवल नरम, कोमल, ताज़े मुलायम हरे मटर के छिलके ही उपयोग करें। कड़े, रेशेदार या मोटे छिलके खीर में अच्छे नहीं लगते।
छिलकों को तैयार करने का सही तरीका
• धोकर साफ करना और अच्छी तरह छिलकों को अच्छे से धोकर गंदगी या धूल को हटाएं। ऊपर व नीचे का किनारा काट दें।यदि छिलका हल्का रेशा बनाए तो उसे खींचकर निकाल दें। अब छिलकों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
स्टेप 1: छिलकों को उबालें
• एक पतीले में पानी उबालें। उसमें कटे हुए 2 कप मटर के छिलके डालें। 1 कप पानी डालकर 7–10 मिनट तक हल्की आंच पर उबालें। जब तक छिलके वे नरम न हो जाएं।तो गैस बंद कर दें। पानी छानकर छिलकों को ठंडा करें।
उबालने से रेशे नरम होते हैं और खीर में स्मूद टेक्सचर आता है।
स्टेप 2: छिलकों का पेस्ट बनाएँ
• ठंडा होने पर उबले छिलकों को मिक्सर में डालें और 2–3 बड़े चम्मच दूध या पानी डालकर बारीक पेस्ट बना लें। एकदम स्मूद पेस्ट बना लें। पेस्ट जितना चिकना होगा, खीर उतनी मखमली बनेगी।
टिप: ज्यादा पानी न डालें, नहीं तो खीर पतली हो जाएगी।
स्टेप 3: दूध तैयार करना
एक भारी तले की कड़ाही में 1 लीटर दूध डालें। दूध को मध्यम आंच पर दूध को उबालना और गाढ़ा करना 10–12 मिनट तक पकाएँ बीच-बीच में चलाते रहें ताकि दूध तले में न लगे।
ताकि दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए।
स्टेप 4: छिलकों का पेस्ट घी में भूनें
• एक कड़ाही/ पैन में 1- 2 बड़े चम्मच घी गर्म करें। मटर का पेस्ट डालें और 6–8 मिनट तक धीमी-मध्यम आंच पर भूनें।
• जब पेस्ट की कच्ची गंध खत्म हो जाए और रंग थोड़ा गहरा हरा लगे, तब समझें भूनना पूरा हुआ। और खुशबूदार हो जाए,
स्टेप 5: पेस्ट को दूध में मिलाएं
• अब भुना हुआ मटर पेस्ट उबलते दूध में डालें। अच्छी तरह मिला लें। लगातार चलाते रहें ताकि गाँठ न बने। 10–12 मिनट तक पकाएं। तब खीर को पकने दें। खीर अब हल्के हरे रंग की और काफी खुशबूदार दिखने लगेगी।
स्टेप 6: चीनी और मेवे डालें
• अब खीर में चीनी डालकर मिलाते रहें।
• चीनी घुलते ही खीर थोड़ी पतली लग सकती है—चिंता नहीं करें। मावा डालकर 3–4 मिनट तक पकाएं। खीर अब हल्की गाढ़ी और मलाईदार हो जाएगी। अब काजू-बादाम-किशमिश डालें। इलायची पाउडर और केसर भी मिला दें। और गुलाब जल डालें। 2–3 मिनट धीमी आंच पर उबालें।10 मिनट तक ढककर रखें ताकि फ्लेवर घुल जाए।
स्टेप 7: अंतिम पकाना
• 5–6 मिनट और पकाएं जब तक खीरआपकी पसंद के अनुसार गाढ़ी न हो जाए। गैस बंद करके 5 मिनट ढककर रहने दें। अगर ज्यादा गाढ़ी लगे तो थोड़ा दूध मिलाकर संतुलित करें।
[ ] खीर को परोसने के तरीके
आपकी हरे मटर के छिलकों की खीर तैयार है!
1. गर्म परोसें – सर्दियों में ज्यादा स्वादिष्ट।
2. ठंडी खीर – फ्रिज में रखकर ठंडा करें।
3. फ्यूजन स्टाइल – ऊपर से पिस्ता क्रश या वनीला आइसक्रीम डालें।
स्पेशल छोटे टिप्स और ट्रिक्स (खीर परफेक्ट बनेगी):
• कड़े या मोटे छिलके न लें—टेक्सचर खराब होगा।
• मटर के छिलके हमेशा ताजे लें।
• दूध को लगातार चलाते रहें।
• मावा डालने से खीर और रिच बनती है।
• मेवे हल्के भूनें, न ज्यादा।
• पेस्ट को भूनना बेहद जरूरी है।
• दूध हमेशा फुल क्रीम लें तो खीर ज्यादा क्रीमी बनेगी।
• चाहें तो ½ कप मावा डालकर इसे और भी रिच बना सकते हैं।
वैरिएशन
• गुड़ वाली खीर: चीनी की जगह गुड़ डालें (दूध में गुड़ हमेशा गैस बंद करके डालें)।
• नारियल वाली खीर: थोड़ा नारियल पाउडर डालें।
• ड्राईफ़्रूट स्पेशल: बादाम पेस्ट मिलाएँ, स्वाद दोगुना हो जाएगा
हरे मटर के छिलके की खीर के फायदे
1. पोषण से भरपूर – प्रोटीन, फाइबर और विटामिन।
2. पाचन में मददगार – फाइबर से पेट साफ रहता है।
3. हल्की मिठास – चीनी कम डालें तो हेल्दी भी।
4. बच्चों और बड़े दोनों के लिए – स्वाद और सेहत दोनों में संतुलन।
निष्कर्ष
हरे मटर के छिलके की खीर स्वास्थ्यव स्वादिष्ट और आसान है। यह पारंपरिक खीर से हल्की, मलाईदार और पौष्टिक होती है। सही तरीके से बनाएं और आप पाएंगे कि यह खीर बच्चों और बड़ों दोनों को बेहद पसंद आएगी |
हरे मटर की खीर और हरे मटर के छिलके के खीर यह दोनों रेसिपी आपको कैसा लगा अच्छा लगा तो लाइक करो और कमेंट करो यह रेसिपी आप अपने घर पर बनाओगे तो आपके बड़े दादाजी चाचा मम्मी पापा और साथ ही छोटे बच्चों को बहुत ही काफी पसंद आएगा यह फायदेमंद है और फाइबर से भरपूर है भरा हुआ है तो आप चाहे तो एक बार जरूर ट्राई कर सकते हैं यह काम चीजों से भी बन जाता है आपके बड़े बुजुर्ग आपकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे क्योंकि इतनी टेस्टी मटर की खीर बनाओगे तो आपकी तारीफ किए बिना नहीं रह पाएंगे और साथ ही कोई भी मेहमान आएगा तो उसको भी आप दे सकते हैं | भारत में मटर की खीर काफी प्रसिद्ध है इसे अन्य कुछ अन्य राज्यों में राज्य में मटर की खीर काफी पसंद करते हैं जैसे भारत उत्तर प्रदेश झारखंड बिहार जैसे और राज्य भी सर्दियों के मौसम में इसे बहुत ही शौक से बनाकर खाते हैं यह बहुत ही मलाईदार साथ ही बहुत ही टेस्टी लगती है आप इसे बहुत ही कम चीजों से भी बना सकते हैं सर्दियों में हरे मटर खीर बहुत ही आसानी से मिल जाते हैं और यह प्रकृति मिठास होता है जरूर बनना और कमेंट बॉक्स में जरूर बताना मेरे को राधे-राधे
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