Masaledar Aloo Matar ki Recipe:- मटर-आलू (Matar Aloo) (ढाबा, रेस्टोरेंट, बिहारी, पंजाबी आदि) ताज़े मटर की मिठास और नए आलू का मुलायम स्वाद, भारी सर्दी में गरमा–गरम रोटी/परांठे के साथ परफेक्ट घर के स्वाद वाली, सुगंधित मसालों से भरपूर, पूरी तरह शुरुआती को भी समझ आ जाए ऐसी विस्तार विधि सर्दियों के मौसम में ताज़े, मीठे हरे मटर और नए आलू का स्वाद अलग ही होता है। सर्दियों में टमाटर भी रसदार और स्वाद में बेहतर होते हैं, जिससे ग्रेवी बेहद स्मूद बनती है। नए आलू (New Potatoes) स्टार्च में हल्के और स्वाद में अधिक मीठे होते हैं—ये मसाला बहुत अच्छी तरह सोखते हैं। ठंड के मौसम में गाढ़ी, मसालेदार और गर्मागर्म सब्ज़ियाँ मन और शरीर दोनों को गर्म रखती हैं। इसलिए मैं आपको सर्दियों वाली स्पेशल मटर-आलू की रेसिपी बहुत विस्तार से बता रहा हूँ।ऐसी कि आप बिल्कुल घर की खुशबू और स्वाद महसूस कर सकें।
परिचय
मटर-आलू सब्जी Winter Special Matar Aloo Recipe मटर-आलू एक ऐसा क्लासिक भारतीय सब्ज़ी व्यंजन है जो लगभग हर भारतीय घर में किसी न किसी रूप में बनाया जाता है। जिसे लगभग हर क्षेत्र में किसी न किसी रूप में बनाया जाता है—उत्तर भारत, मध्य भारत, बिहार, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, महाराष्ट्र—सभी की अपनी-अपनी स्टाइल है। इसकी लोकप्रियता का मुख्य कारण इसका सरल होना, जल्दी तैयार होना और स्वाद में अत्यंत स्वादिष्ट होना है। इस व्यंजन में दो अत्यंत सामान्य लेकिन स्वादिष्ट सब्ज़ियाँ—आलू और मटर—मिलकर ऐसी सादगी प्रस्तुत करती हैं कि कई बार यह घर के खाने का सबसे पसंदीदा हिस्सा बन जाती है। इसकी खासियत यह है कि यह सरल, स्वादिष्ट, पौष्टिक तथा अत्यंत लचीला व्यंजन है – यानी कि आप इसमें मामूली परिवर्तन करके इसे सूखी सब्ज़ी, ग्रेवी वाली, तीखी, हल्की, टमाटर-प्रधान, प्याज़-लहसुन वाली या बिना प्याज़-लहसुन वाले संस्करण में बदल सकते हैं। यह व्यंजन रोज़मर्रा के खाने में रोटी, पराठा, फुल्का, पूरी या चावल के साथ बेहद बढ़िया लगता है। खासकर सर्दियों में जब ताज़े हरे मटर आसानी से मिल जाते हैं, तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। दिसंबर–फरवरी में मिलने वाले ताज़े हरे मटर ज्यादा मीठे, रसदार और पचने में हल्के होते हैं। आज की यह रेसिपी अत्यंत विस्तार से लिखी गई है ताकि कोई भी वेकती पढ़कर बेहतरीन स्वाद वाली मटर-आलू की सब्ज़ी बना सके। हमने इसमें सामग्री, तकनीक, मसालों का संतुलन, विधि के वैज्ञानिक/कुकिंग सिद्धांत, छोटे-छोटे टिप्स, और स्वाद को नियंत्रित करने वाले बिंदुओं पर भी गहराई से चर्चा की है।आप “मटर–आलू की रेसिपी के फायदे” जानना चाहते हैं—यानि मटर–आलू बनाने या खाने के क्या लाभ होते हैं? नीचे सरल और स्पष्ट रूप में इसके सभी फायदे बताए जा रहे हैं: मटर-आलू सब्जी Winter Special Matar Aloo Recipe
मटर आलू की रेसिपी पौष्टिक, सर्दियों के लिए फायदेमंद, पचने में आसान, बच्चों और बड़ों दोनों के लिए उपयुक्त, और रोज़मर्रा के खाने के लिए एक बेहतरीन विकल्प है। मटर एक बेहद पौष्टिक, प्रोटीन–फाइबर युक्त, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर हरी सब्ज़ी है। मटर-आलू सब्जी Winter Special Matar Aloo Recipe
यह पाचन, दिल, वजन नियंत्रण, इम्यूनिटी, त्वचा और आंखों—all के लिए फायदेमंद है।
क्यों बनती है हर घर में अलग-अलग?
मटर–आलू की रेसिपी हर घर में अलग स्वाद देती है, इसका कारण है:
मसालों का अलग प्रकार हैं जैसै —
1)प्याज़–लहसुन का उपयोग या न करना
2)पानी की मात्रा
3)मसाले को कितना भूनते हैं
4)तेल का प्रयोग
5)मटर ताज़े हैं या फ्रोज़न
6)ग्रेवी गाढ़ी है या पतली
इसे रोज़मर्रा के खाने का हिस्सा बनाती है।
सामग्री सूची
नीचे दी गई सामग्री 4 लोगों के लिए पर्याप्त है:
मुख्य सब्ज़ियाँ
• नए आलू – 3 मध्यम आकार के (लगभग 300–400 ग्राम)
• ताज़े हरे मटर – 1 कप (ताज़े हो तो बेहतर; फ्रोज़न भी चलेगा)
ग्रेवी व तड़का मसाला बेस के लिए
• प्याज़ – 2 मध्यम (बारीक कटी या पेस्ट)
• टमाटर – 2 बड़े (या 3 मध्यम; प्यूरी या बारीक कटे)
• अदरक – 1 इंच टुकड़ा (कुचला या कद्दूकस सर्दियों में अदरक जरूरी)
• पानी – आवश्यकतानुसार (सूखी या ग्रेवीवर सब्जी के अनुसार)
• हींग – एक चुटकी (सर्दियों में हींग गर्माहट देती है)
• तेज पत्ता – 1 (विकल्प)
• ताजा हरा धनिया – 2–3 बड़े चम्मच कटा हुआ
• ग्रेवी के लिए पानी:- ¾–1½ कप (आपकी पसंद अनुसार)
• गार्निश:- ताज़ा हरा धनिया – 2–3 बड़े चम्मच
तैयारी
यह सबसे महत्वपूर्ण भाग है। अच्छी तैयारी से खाना 100% अच्छा बन जाता है। यह व्यंजन किनके लिए उपयुक्त है?
बच्चों के लिए हल्की मसालेदार
बड़ों के लिए मध्यम मसालों वाली
बुजुर्गों के लिए कम तेल–कम मसाला
डायट करने वालों के लिए फाइबर–प्रोटीन से भरपूर
घर–ढाबा–रेस्टोरेंट—हर स्टाइल में ढल जाता है
मटर–आलू सिर्फ एक सब्ज़ी नहीं, बल्कि भारतीय किचन की डेली डिश है, जो हर मौसम में, हर स्थिति में और हर भोजन के साथ फिट बैठती है।
आलू की तैयारी
• आलू तैयार करना नए आलू को साफ पानी से धो लें। चाहें तो छिलका छोड़ सकते हैं क्योंकि नए आलू का छिलका पतला और स्वादिष्ट होता है।
• बड़े आकार में नहीं, बल्कि मध्यम टुकड़ों में काटें ताकि वे जल्दी पकें और ग्रेवी में मसाले अच्छे से घुलें।
• यदि आलू काटने के बाद तुरंत उपयोग नहीं कर रहे हैं, तो इन्हें पानी में डालकर रखें ताकि काला न पड़ें।
मटर की तैयारी
• यदि ताज़े मटर हैं → ताज़े मटर के दाने छिलकों से निकालकर साफ पानी से अच्छे से धो लें।
• यदि फ्रोज़न हैं → यदि दाने सख्त लगें, तो 3–4 मिनट गर्म पानी में डालकर निकाल लें। ताकि उनकी कड़कपन कम हो जाए और वे जल्दी पकें।
प्याज़-टमाटर मसाला बेस
• प्याज़ को बारीक काटकर अलग रखें।प्याज़ बारीक कटे हों तो जल्दी गलते हैं।
• टमाटर को या तो बारीक काटें या ब्लेंडर में प्यूरी बना लें।
• ध्यान दें: प्यूरी वाली मटर-आलू ज्यादा रेस्टोरेंट-टेक्सचर देती है।
अदरक-लहसुन
• ताज़ा अदरक-लहसुन पेस्ट का स्वाद बाजार के तैयार पेस्ट से कहीं ज्यादा ताज़ा और गहरा होता है।
पकाने की विधि (Step-by-Step Cooking Method)
नीचे अत्यंत विस्तारपूर्वक प्रक्रिया दी जा रही है:
स्टेप 1: तेल और तड़का तैयार करना
• एक गहरे पैन, कड़ाही या प्रेशर कुकर को गैस पर रखें। उसमें 2–3 बड़े चम्मच तेल डालें।
• तेल थोड़ा गर्म हो जाए, फिर आंच को मध्यम कर दें। तेल गुनगुना हो जाए तो जीरा डालें।
• जीरा चटकने लगे तो समझिए कि तड़का शुरू हो गया है।अब एक चुटकी हींग डालें यह सर्दियों में गर्माहट और स्वाद दोनों देता है।
• तेजपत्ता (यदि उपयोग कर रहे हों) डाल दें।
टिप:- तेल थोड़ा ज्यादा गर्म होने पर मसालों की सुगंध अच्छी निकलती है, लेकिन ध्यान रखें कि जल न जाए।
स्टेप 2: प्याज़ को भूनना (Browning the Onions)
• अब कटी हुई प्याज़ डालें। प्याज़ को तब तक भूनें जब तक वे हल्के सुनहरे न हो जाएँ।
• बीच-बीच में चलाते रहें ताकि वे जलें नहीं।अच्छी तरह भूनी प्याज़ से ग्रेवी का स्वाद गहरा आता है।
• प्याज़ हल्की सुनहरी होने पर अदरक-लहसुन और मिर्च डालना डालें।
• 1–2 मिनट पकाएँ जब तक कच्ची महक समाप्त न हो जाए।
यह स्टेप क्यों महत्वपूर्ण है?
(सर्दियों में अदरक-लहसुन का उपयोग स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए फायदेमंद है।)
• प्याज़ मसाले की बॉडी और मिठास देती हैं। अच्छी तरह भुनी प्याज़ से ग्रेवी का रंग और स्वाद बेहतर आता है।
स्टेप 3: टमाटर का मसाला बनाना(भूनना)
• अब कटा हुआ या प्यूरी किया हुआ टमाटर डालें।
• साथ में नमक की ¼ मात्रा यहीं डाल दें – इससे टमाटर जल्दी गलते हैं। अब आधा ढक्कन लगाकर 2 मिनट पकाएँ।
• मसाले को तब तक भूनें जब तक तेल किनारों से अलग होता न दिखे।
महत्वपूर्ण संकेत:- जब मसाला अच्छी तरह पक जाता है, तो उसका रंग गहरा हो जाता है और कच्ची महक खत्म हो जाती है।
स्टेप 4: सूखे मसाले डालना
अब निम्न मसाले डालें:
• हल्दी
• लाल मिर्च पाउडर
• जीरा पाउडर
• धनिया पाउडर
मसालों को डालने के बाद 1–2 मिनट धीमी आँच पर भूनें। मध्यम आँच पर तब तक भूनें जब तक मसाले से तेल अलग न हो जाए। जब मसाले के किनारों से तेल अलग नजर आने लगे, तब समझिए कि मसाला पूरी तरह पक गया है। यदि मसाला सूखा लगे, तो 1–2 चम्मच पानी डाल दें ताकि मसाले जलें नहीं।
नोट:- मसालों का सही से भुनना सब्ज़ी में असली स्वाद लाता है। यही स्टेप पूरा स्वाद बनाता है। मसाला जितना अच्छा भुनेगा, मटर-आलू उतना स्वादिष्ट बनेगा।
स्टेप 5: आलू और मटर मिलाना
• मसाले में कटे हुए आलू डालें। अच्छी तरह मसाले में 2–3 मिनट तक चलाएँ ताकि मसाला आलू पर अच्छे से चढ़ जाए।
• अब मटर डालें और फिर मिलाएँ। इसे ढककर 3–4 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ ताकि मसाला आलू-मटर में ठीक से घुस जाए। स्वाद एक-दूसरे में मील जाए।
स्टेप 6: पानी डालकर ग्रेवी बनाना
अब सब्जी आपकी पसंद के अनुसार बनाई जा सकती है। अब सब्जी दो तरह से बना सकते हैं।अगर सूखी मटर-आलू बनानी है →केवल 3–4 चम्मच पानी डालें।
ढककर 10–12 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ, बीच-बीच में चलाते रहें। अगर ग्रेवी वाली मटर-आलू बनानी है | 1 से 1½ कप गरम पानी डालें। सब्ज़ी को हल्का उबाल आने दें। चाहें तो ½ चम्मच कसूरी मेथी अभी डालें। यदि स्वाद और गर्माहट बढ़ानी हो, तो एक छोटा टुकड़ा गुड़ डालें।
• गुड़ से मिठास नहीं आएगी, बस स्वाद गहरा और टमाटर की खटास संतुलित होती है।
[ ] पानी डालकर पकाएँ
अब आप ग्रेवी पतली या गाढ़ी जैसे चाहें बना सकते हैं। साधारण ग्रेवी: 1–1.25 कप पानी गाढ़ी ग्रेवी: ¾ कप पानी सूखी सब्ज़ी: 4–5 चम्मच पानी
स्टेप 7: पकाने का अंतिम चरण
यदि प्रेशर कुकर उपयोग कर रहे हैं:
• 2 सीटी मध्यम आँच पर → आलू और मटर बिल्कुल सही पक जाते हैं। कुकर ठंडा हो जाए तब ढक्कन खोलें।
यदि कड़ाही उपयोग कर रहे हैं:
• ढककर 15–25 मिनट पकाएँ।
• बीच-बीच में चेक करें कि आलू कट रहे हैं या नहीं (नरम होने चाहिए)।
• यदि पानी कम लगे, थोड़ा और गरम पानी डालें। जरूरत लगे तो थोड़ा और पानी डालें। पानी डालकर अच्छी तरह मिलाएँ और उबाल आने दें।
• आलू नरम हों और मसाला ग्रेवी में मिल जाए तो सब्ज़ी तैयार है।
स्टेप 8: फिनिशिंग टच
• जब आलू और मटर पूरी तरह पक जाएँ, तब ग्रेवी की गाढ़ापन अपनी पसंद अनुसार सेट करें। जब आलू और मटर मुलायम हो जाएँ| अब 2 चम्मच गरम मसाला छिड़कें। ऊपर से अमचूर (यदि इस्तेमाल कर रहे हों) डालें।1 चम्मच कसूरी मेथी हथेली पर रगड़कर डालें। ऊपर से ताज़ा हरा धनिया छिड़क दें। गैस बंद कर 2 मिनट ढककर रखें इससे फ्लेवर सेट होता है। गैस बंद करके सब्जी को 3–4 मिनट ढककर रखें फ्लेवर सेट हो जाता है। फ्लेवर और बढ़ जाता है।
स्वाद को बेहतर बनाने के गहरे टिप्स
1. तेल का संतुलन:
कम तेल में ग्रेवी हल्की बनेगी, ज्यादा तेल में ढाबा-स्टाइल रिच फ्लेवर आएगा।
2. प्याज़ और टमाटर को धीमी आंच पर अच्छे से भूनना:
यह सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है—इसी से स्वाद निखरता है।
3. लाल मिर्च का चुनाव:
• कश्मीरी लाल मिर्च → रंग अच्छा, तीखापन कम
• तीखी लाल मिर्च → स्वाद तीखा, रंग ज्यादा नहीं
4. खट्टापन कैसे लाएँ?
• टमाटर बढ़ाएँ
• अमचूर डालें
• थोड़ी सी दही डाल सकते हैं (मसाले में मिलाते समय)
5. ढाबा-स्टाइल ट्वीक
• मसाले भूनते समय 1 चम्मच कसूरी मेथी डालें
• 1 चम्मच मक्खन अंत में डालें
कैसे परोसने के तरीके (Serving Suggestions)
सर्दियों की गरमा-गरम मटर-आलू इन चीज़ों के साथ बहुत बेहद शानदार अच्छी लगती है।
• गरम फुल्के रोटी
• घी लगे परांठे
• तंदूरी रोटी
• पूरी
• बेसन रोटी
• बाजरे या मक्के की रोटी
• वेज पुलाव या जीरा चावल
• सादा चावल
• जीरा राइस
साथ में कटी प्याज़, अचार,नींबू और हरी मिर्च हो तो मज़ा दोगुना।
न्यूट्रिशन नोट्स
• आलू कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत हैं।
• मटर प्रोटीन और फाइबर देते हैं।
• हल्दी, अदरक, लहसुन – प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाने में सहायक हैं।
प्रोटीन
फाइबर
विटामिन C
आयरन
पोटैशियम
ऊर्जा का बढ़िया स्रोत
सर्दियों वाली खास टिप्स
1. नए आलू का उपयोग करें
सर्दियों में मिलने वाले छोटे, लाल/गोल आलू स्वाद में मीठे और जल्दी गलने वाले होते हैं।
2. ताज़े मटर को थोड़ा उबालना
सख्त मटर हों तो हल्का उबालने से पकने में आसानी रहती है।
3. अदरक-लहसुन अधिक डालें
ठंड के मौसम में यह पाचन और गर्माहट दोनों के लिए फायदेमंद है।
4. ग्रेवी में कसूरी मेथी जरूर डालें
सर्दियों में यह खुशबू और स्वाद का खास हिस्सा है। टमाटर सर्दियों में मीठे होते हैं| इसलिए ग्रेवी आप ज्यादा गाढ़ी बना सकते हैं।
स्वाद बढ़ाने वाली प्रो–टिप्स
हींग गैस कम करती है
अदरक ज्यादा डालें—सर्दियों में गर्माहट देता है
प्याज़ को हल्का ब्राउन करना अनिवार्य
टमाटर–मसाला कम से कम 7 मिनट भूनें
मटर को पहले sauté करना स्वाद दोगुना करता है
पानी गर्म ही डालें—ग्रेवी फटती नहीं
कसूरी मेथी से ढाबा जैसा स्वाद आता है
तेल कम हो तो स्वाद कमज़ोर लगेगा
प्रेशर कुकर में बहुत सीटी न दें, नहीं तो मटर टूट जाते हैं।
रेसिपी का विज्ञान (Kitchen Science)
प्याज़ में केरमलाइज़ेशन होता है → मिठास और गाढ़ापन आता है
टमाटर में लाइकोपीन → रंग और चमक
मटर में natural sugar → मिठास
आलू में starch → ग्रेवी को bind करता है
मसाले roasting से caramelize होकर deep flavor बनाते हैं
सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
प्याज़ कच्ची छोड़ देना
मसाला न भूनना
पानी ज्यादा डाल देना
मटर को जल्दी डालकर overcook करना
बहुत सीटी लगाना
ढाबा-स्टाइल
रेस्टोरेंट-स्टाइल गाढ़ी ग्रेवी
बिना प्याज़-लहसुन वाली जैन स्टाइल
पंजाब/बिहार/UP स्टाइल
कम तेल वाली या बच्चों के लिए हल्की
निष्कर्ष
आलू-मटर भारतीय घरों में बनने वाली सबसे लोकप्रिय सब्ज़ियों में से एक है।सर्दियों में जब ताज़े हरे मटर आसानी से उपलब्ध होते हैं, तब इसका स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है। मटर आलू एक साधारण लेकिन पौष्टिक सब्ज़ी है। यह ऊर्जा, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा संयोजन है और सर्दियों में तो इसका फायदा और बढ़ जाता है। यह एक सरल, स्वादिष्ट और जल्दी बनने वाली सब्ज़ी है जिसमें आलू की नरम बनावट और हरे मटर की मिठास मिलकर बेहतरीन स्वाद देती है। यह सब्ज़ी रोज़ के भोजन के लिए परफ़ेक्ट है—फुल्का, रोटी, परांठा, पूरी या चावल, सभी के साथ अच्छी लगती है। आलू-मटर की ग्रेवी में मसालों का हल्का संतुलन, टमाटर का खट्टापन और मटर की मिठास मिलकर एक ऐसी खुशबू पैदा करते हैं कि.पूरा घर महक उठता है। आलू जहाँ मुलायम और टेक्सचर देता है, वहीं मटर हल्की मिठास व हरापन भरती है। अगर आप घर पर रेस्टोरेंट-स्टाइल बना सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से आप को समझ मे आया तो लाइक करे।
सर्दियों में मटर–आलू क्यों खास?
सर्दियों का मौसम मटर–आलू के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि:
ताज़े मटर मीठे, कोमल और रसदार होते हैं।
नए आलू (न्यू पोटैटो) उपलब्ध होते हैं जो मसाला अधिक सोखते हैं।
सर्दियों में मसालेदार और गरमा–गरम सब्ज़ियाँ शरीर को गर्म रखती हैं।
इसी वजह से सर्दियों में बनने वाली मटर–आलू का स्वाद बाकी महीनों की तुलना में काफी अधिक स्वादिष्ट होता है।
मटर–आलू के फायदे
पौष्टिकता से भरपूर
मटर–आलू में पोषक तत्वों का अच्छा संतुलन होता है:
मटर → प्रोटीन, फाइबर, विटामिन C, K, B
आलू → कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम, विटामिन B6
ये दोनों मिलकर सब्ज़ी को पोषण से भरपूर बनाते हैं।
ऊर्जा बढ़ाता है (Instant Energy)
आलू में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है, जिससे यह:
शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है
थकान दूर करता है
दिनभर सक्रिय रखता है
कामकाजी और बच्चों के लिए बहुत अच्छा।
पाचन के लिए अच्छा (Good for Digestion)
मटर फाइबर का बढ़िया स्रोत है, जो कब्ज से राहत देता है।
हल्का मसाला होने पर यह पेट को आराम देता है।
सब्ज़ी का टेक्सचर भी पचने में आसान होता है।
सर्दियों में खास फायदेमंद
सर्दियों में ताज़े मटर मीठे और पौष्टिक होते हैं।
शरीर को गर्माहट देते हैं।
इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
इसलिए यह सर्दियों का बढ़िया भोजन माना जाता है।
दिल की सेहत में मदद (Heart Friendly)
मटर में मौजूद:
एंटीऑक्सीडेंट
फाइबर
पोटैशियम
ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।
स्किन के लिए अच्छा (Healthy Skin)
विटामिन C + एंटीऑक्सीडेंट =ग्लोस्किन रिपेयर पिंपल्स का कम होना संतुलित मात्रा में खाने से त्वचा में निखार आता है।
वजन नियंत्रण में मदद (If cooked in less oil)
मटर–आलू पेट भरता है
भूख कम लगती है
कम तेल में बनाने से कैलोरी भी कम रहती है
वजन कम करने वालों के लिए यह सही तरीके से बनाया जाए तो हेल्दी विकल्प बन सकता है।
बच्चों के लिए पौष्टिक और पसंदीदा
न तो बहुत तीखा
न ही भारी
आलू + मटर का टेस्ट बच्चों को आसानी से पसंद आता है
ग्रोथ के लिए जरूरी पोषक तत्व भी मिलते हैं
घर पर आसानी से बन जाने वाली सब्ज़ी
सामग्री सरल
जल्दी बन जाती है
किसी भी रोटी–चावल के साथ अच्छी लगती है
यह सुविधा भी एक बड़ा फायदा है।
शाकाहारियों के लिए बेहतर प्रोटीन सोर्स
मटर एक बेहतरीन प्लांट-प्रोटीन है, जो शाकाहारी लोगों को संतुलित भोजन देता है।
मटर के फायदे (Benefits of Green Peas / Hare Matar)
प्रोटीन का बेहतरीन शाकाहारी स्रोत
मटर में उच्च मात्रा में पौधे आधारित प्रोटीन होता है।
बॉडी रिपेयर
मसल्स बनाने
इम्यूनिटी बढ़ाने
में मदद करता है।
शाकाहारियों के लिए यह बहुत उपयोगी है।
फाइबर से भरपूर – पाचन के लिए बहुत अच्छा
मटर में फाइबर अधिक होता है, जो:
पाचन सुधारता है
कब्ज दूर करता है
पेट लंबे समय तक भरा रखता है
इससे वजन नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
इम्यूनिटी बढ़ाता है
मटर में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति बढ़ाते हैं। सर्दियों में यह खास तौर पर फायदेमंद है।
दिल की सेहत के लिए अच्छा (Heart Friendly)
मटर में पाए जाते हैं:
पोटैशियम
फाइबर
एंटीऑक्सीडेंट
ये तीनों मिलकर:
हाई BP नियंत्रित करते हैं
खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम करते हैं
हृदय को स्वस्थ रखते हैं
विटामिन और मिनरल्स का खजाना
मटर में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं:
विटामिन C
विटामिन K
विटामिन B6
फोलेट
मैंगनीज़
आयरन
ये शरीर को मजबूत और स्वस्थ रखते हैं।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
मटर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट:
शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं
उम्र बढ़ने के असर को धीमा करते हैं
स्किन में निखार लाते हैं
वजन कम करने में मददगार (Weight Loss Friendly)
कम कैलोरी
ज़्यादा फाइबर
ज़्यादा प्रोटीन
ये तीनों मिलकर वजन कम करने वालों के लिए इसे एक शानदार फूड बनाते हैं।
ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद (Diabetic-friendly)
मटर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह शुगर को तेजी से नहीं बढ़ाता।
मधुमेह वाले लोग भी सीमित मात्रा में खा सकते हैं।
हड्डियों के लिए अच्छा
मटर में विटामिन K और मैंगनीज़ होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और कैल्शियम अवशोषण बढ़ाते हैं।
आंखों के लिए फायदेमंद
मटर में Vitamin A (बीटा कैरोटीन) और ल्यूटिन होते हैं, जो: