Makar Sankranti Special Til Khichdi Recipe :- आज मैं आपको ऐसी रेसिपी के बारे में बताऊंगी जो हमारे नए साल लेकर आता है यह रेसिपी माना जाता है पुराने सालों से की यह बनाना बहुत ही शुभ माना जाता है तो आज मैं यह रेसिपी आप सभी को बताऊंगी और यह रेसिपी बनाना बहुत ही कठिन नहीं है यह काम चीजों से भी बहुत ही सुंदर डिश बन जाता है तो वह है तिल खिचड़ी यह मकर संक्रांति के दिन मनाया जाता है और माना जाता है कि जो हमारे सर में बुरे दोष रहते हैं वह सारे मिट जाते हैं और अच्छे-अच्छे खुशियली लेकर आता है और यह खिचड़ी के नाम सुनते ही बच्चे बहुत दूर भागते हैं बट आज मैं आपको ऐसा खिचड़ी बनाना सिखाऊंगी बहुत ही कम चीजों से तिल खिचड़ी जो मकर संक्रांति के दिन बनाया जाता है यह हर राज्य में बनाया जाता है मुझे उतना आईडिया नहीं है कि कौन-कौन से राज्य में बनाया जाता है झारखंड बिहार असम बंगाल और अन्य राज्यों में बनाया जाता है माना जाता है कि भारत के ऐसे कोने-कोने देश है जो इसे बनाया जाता है बट अभी तक से पता नहीं चला है तो मैं आज आपको बताऊंगी झारखंड स्टाइलिश तिल की खिचड़ी तो चलिए आपको बताना सिखाऊंगी आप जैसे ही तिल खिचड़ी बनाओगे अपने किचन में तो पूरे किचन में महक उठती है और इतनी टेस्टी लगती है आप अपने बच्चों को दोगे तो वह भी प्ले चाहते ही रह जाएंगे साथ ही तो आप अपने पड़ोसियों को भी दे सकते हैं और लिए मेहमान को भी दे सकते हैं आपको लगता होगा कि मेहमान को कौन खिचड़ी खिला है बट मकर संक्रांति के दिन खिलाया जाता है क्योंकि बुरे दोष भी मिट जाते हैं तो चलिए इस रेसिपी को इजी सिंपल भाषण से पूरी विधि विधान से समझते हैं।
1. Introduction –
भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है। यहाँ हर त्योहार केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसके साथ खान–पान, संस्कृति और स्वास्थ्य भी जुड़ा होता है। मकर संक्रांति ऐसा ही एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो सूर्य के उत्तरायण होने पर मनाया जाता है। यह पर्व हर साल 14 या 15 जनवरी को आता है और सर्द ऋतु के अंत तथा नई ऊर्जा के आरंभ का प्रतीक माना जाता है। मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बने मिठाई, व्यंजनों का विशेष महत्व है। इन्हीं में से एक अत्यंत स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजन है तिल खिचड़ी। यह खिचड़ी न केवल स्वाद में अच्छी होती है, बल्कि शरीर को गर्म रखने, ऊर्जा देने और पाचन को सुधारने में भी सहायक होती है मकर संक्रांति के दिन तिल से बने व्यंजन विशेष रूप से बनाए जाते हैं। इन्हीं पारंपरिक व्यंजनों में सबसे प्रमुख है तिल खिचड़ी माना जाता हैं। इस लेख में मकर संक्रांति स्पेशल तिल खिचड़ी रेसिपी को पूरे विस्तार से बताया गया है। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्यवर्धक भी होती है।
2. Til Khichdi Kya Hai?
तिल खिचड़ी एक पारंपरिक भारतीय व्यंजन है, जो खासतौर पर मकर संक्रांति के अवसर पर बनाया जाता है। यह सामान्य खिचड़ी से अलग होती है क्योंकि इसमें:
1. तिल
2. गुड़
3. देसी घी
का प्रयोग किया जाता है।मकर संक्रांति के इस दिन में सूर्य देव की पूजा की जाती है पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है दान–पुण्य किया जाता है तिल लड्डू , गुड़ लड्डू , चावल पिठा और खिचड़ी का दान होता है ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन तिल से बने भोजन खाने और दान करने से पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख–समृद्धि आती है। यह खिचड़ी हल्की मीठी, हल्की नमकीन और बहुत ही पौष्टिक होती है। सर्दियों में यह शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
3. Makar Sankranti Aur Til Khichdi Ka Cultural Importance
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व
मकर संक्रांति सूर्य आधारित पर्व है। इस दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करता है। इसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान, स्नान और पूजा कई गुना फलदायी होती है। इस दिन:- गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है सूर्य देव की पूजा होती है गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन दान दिया जाता है तिल, गुड़, खिचड़ी और चावल का दान किया जाता है इसी कारण मकर संक्रांति पर तिल खिचड़ी बनाई जाती है।….
धार्मिक दृष्टि से तिल खिचड़ी का महत्व मकर संक्रांति पर तिल खिचड़ी:- भगवान को भोग लगाई जाती है गरीबों को दान दी जाती है ऐसी मान्यता है कि तिल दान से पाप नष्ट होते हैं सूर्य देव प्रसन्न होते हैं
4. Til Khichdi Banane Ke Liye Zaroori Ingredients
Makar Sankranti Special Til Khichdi Recipe
तिल खिचड़ी बनाने की सामग्री (4–5 लोगों के लिए)
मुख्य सामग्री:
1. चावल – 1 कप
2. मूंग दाल (धुली) – ½ कप
3. सफेद तिल – 3–4 बड़े चम्मच
4. देसी घी – 4 बड़े चम्मच
5. गुड़ (कद्दूकस किया हुआ) – ½ से ¾ कप
6. पानी – 5 कप
7. नमक – स्वादानुसार
सब्जी :
1. गाजर – कटी हुई या कद्दूकस की हुई
2. मटर (हरे मटर)
3. टमाटर – हल्की खटास और स्वाद
4. बीन्स – लंबी या छोटी सब्ज़ियाँ
5. गोभी – फूलगोभी या ब्रोकली
6. पालक – पोषण और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ
7. धनिया पत्ता सजाने के तरीके
मसाले:
1. जीरा – 1 छोटा चम्मच
2. अदरक (कद्दूकस किया हुआ) – 1 छोटा चम्मच
3. काली मिर्च पाउडर – ½ छोटा चम्मच
4. हींग – एक चुटकी
सजाने के लिए:
1. हरा धनिया
2. भुने हुए तिल
3. ऊपर से डालने के लिए घी
5. Makar Sankranti Special Til Khichdi Recipe – Step by Step
तिल खिचड़ी बनाने की विधि (स्टेप-बाय-स्टेप)
चरण 1: चावल और दाल की तैयारी
सबसे पहले चावल और मूंग दाल को अच्छे से साफ करें। अब इन्हें एक साथ 20–30 मिनट के लिए पानी में भिगो दें। इससे खिचड़ी जल्दी पकती है दाल और चावल अच्छे से गलते हैं
चरण 2: तिल भूनना
एक कढ़ाही को धीमी आंच पर रखें। अब कढ़ाही में सफेद तिल डालें और लगातार चलाते रहें। जब तिल हल्के सुनहरे होने तक भूनें और चटकने लगें ध्यान रखें कि तिल जलने न पाएँ। भुनने के बाद उन्हें एक अलग प्लेट में निकाल लें। तब गैस बंद कर दें।
ध्यान रखें:- तिल ज्यादा भूनने से जल सकते हैं जले हुए तिल स्वाद खराब कर देते हैं
चरण 3: खिचड़ी का तड़का तैयार करना
अब एक प्रेशर कुकर या भारी तले का बर्तन लें।गरम होने दें। उसमें देसी घी डालकर गरम करें। जब घी गरम हो जाए, तब जीरा डालें
जीरा चटकने लगे तो हींग और अदरक डालें अदरक को हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
1. गाजर – कटी हुई या कद्दूकस की हुई
2. मटर (हरे मटर)
3. टमाटर – हल्की खटास और स्वाद
4. बीन्स – लंबी या छोटी सब्ज़ियाँ
5. गोभी – फूलगोभी या ब्रोकली
6. पालक – पोषण और हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ इसे भी 2 मिनट तक भूने हल्का कच्चा रहने दे
चरण 4: चावल और दाल पकाना
अब भीगे हुए चावल और दाल को कुकर में डालें। और 2 मिनट तक धीमी आंच पर चलाएँ। अब इसमें नमक,काली मिर्च ,भुने हुए तिल
डालकर और अच्छी तरह मिलाएँ। इसके बाद 5 कप पानी डालें।
चरण 5: कुकर में पकाना
कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आंच पर 2–4 सीटी आने दें अगर खुले बर्तन में बना रहे हैं, तो ढककर 25–30 मिनट पकाएँ बीच-बीच में चलाते रहें।
चरण 6 :- गुड़ मिलाना (सबसे महत्वपूर्ण चरण)
जब कुकर का प्रेशर खत्म हो जाए, तब ढक्कन खोलें। अब गैस धीमी रखें और अब इसमें कद्दूकस किया हुआ गुड़ डालें और धीमी आंच पर 2–3 मिनट तक चलाते रहें, जब तक गुड़ पूरी तरह घुल न जाए। लगातार चलाते रहें, जब तक गुड़ पूरी तरह घुल न जाए। गुड़ हमेशा अंत में डालें,
ध्यान रखें:- क्योंकि:- गुड़ हमेशा अंत में डालें, वरना दाल फट सकती है।
6. Til Khichdi Kaise Serve Karein
परोसने का तरीका
तिल खिचड़ी को गरमागरम परोसें।एक प्लेट ले और गरमा गरम तिल खिचड़ी निकले प्लेट में ऊपर से धनिया पत्त छिड़क और एक चम्मच घी दे साथ ही साथ खिचड़ी खाने का टेस्ट दो गुली ज्यादा बढ़ जाती है और बच्चे तो बच्चों बूढ़ों को भी बहुत ही मजा अच्छा लगता है |
ऊपर से:
एक चम्मच देसी घी
भुने हुए तिल
डाल सकते हैं।
इसके साथ:
दही
अचार
पापड़
बहुत अच्छा लगता है।
व्रत या सात्विक रूप में कैसे बनाएं?
यदि आप तिल खिचड़ी को पूरी तरह सात्विक बनाना चाहते हैं| प्याज-लहसुन न डालें हींग बहुत कम मात्रा में लें शुद्ध देसी घी का प्रयोग करें |
7. Perfect Til Khichdi Banane Ke Tips
1.) तिल अच्छे से साफ करें : – तिल में कंकड़ या धूल न हो, इसे अच्छी तरह छान लें।
2.) तिल हल्के भूनें :– तिल को धीमी आँच पर हल्का भूनें, जब खुशबू आने लगे तब उतार लें। ज़्यादा न भूनें वरना कड़वे हो सकते हैं।
3.) चावल सही चुनें :– नई फसल के चावल या छोटे दाने वाले चावल खिचड़ी के लिए बेहतर रहते हैं।
4.) पानी का सही अनुपात :– आमतौर पर 1 कप चावल में 2–2.5 कप पानी डालें, ताकि खिचड़ी न ज़्यादा सूखी हो न बहुत गीली।
5.) नमक सही समय पर डालें :– तिल और चावल पकने लगें, तभी नमक डालें ताकि स्वाद बराबर रहे।
6.) घी का इस्तेमाल :– तिल खिचड़ी में देसी घी स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ाता है। ऊपर से थोड़ा घी डालना न भूलें।
7.) धीमी आँच पर पकाएँ :– खिचड़ी को ढककर धीमी आँच पर पकाने से स्वाद अच्छे से निखरता है।
8.)आराम देने दें :– गैस बंद करने के बाद 5 मिनट ढककर रखें, इससे खिचड़ी अच्छी तरह सेट हो जाती है।
8. Til Khichdi Ke Variations
खिचड़ी कई प्रकार की होती है। नीचे खिचड़ी के प्रमुख प्रकारों के नाम हिन्दी में दिए गए हैं:
1. मूंग दाल खिचड़ी
2. मसूर दाल खिचड़ी
3. उड़द दाल खिचड़ी
4. अरहर (तूर) दाल खिचड़ी
5. सब्ज़ी खिचड़ी
6. दालिया खिचड़ी
7. बाजरा खिचड़ी
8. ज्वार खिचड़ी
9. मक्का खिचड़ी
10. चावल खिचड़ी
11. साबूदाना खिचड़ी
12. कुट्टू खिचड़ी
13. राजमा खिचड़ी
14. चना दाल खिचड़ी
15. तिल खिचड़ी
16. पालक खिचड़ी
17. पनीर खिचड़ी
18. मीठी खिचड़ी
19. कढ़ी खिचड़ी
20. लौकी खिचड़ी
21. तोरई खिचड़ी
22. गाजर–मटर खिचड़ी
23. ओट्स खिचड़ी
24. रागी खिचड़ी
25. सांवा (सामक) खिचड़ी
26. जौ खिचड़ी
27. काले चने की खिचड़ी
28. सोयाबीन खिचड़ी
29. दही खिचड़ी
9. Frequently Asked Questions
1.)तिल खिचड़ी क्या होती है?
उत्तर: तिल खिचड़ी चावल, दाल और तिल (काले या सफेद) से बनने वाली पौष्टिक खिचड़ी है, जो खासकर सर्दियों और मकर संक्रांति पर बनाई जाती है।
2.) तिल खिचड़ी में कौन-से तिल इस्तेमाल होते हैं?
उत्तर:- काले तिल (ज्यादा पौष्टिक) सफेद तिल (हल्का स्वाद) दोनों में से किसी का भी उपयोग किया जा सकता है।
3.) तिल खिचड़ी मीठी होती है या नमकीन?
उत्तर: तिल खिचड़ी दोनों तरह से बनती है मीठी – गुड़ और घी के साथ , नमकीन – नमक और मसालों के साथ
4.) तिल खिचड़ी कब खानी चाहिए?
उत्तर: सर्दियों में मकर संक्रांति पर जब शरीर को गर्माहट और ऊर्जा चाहिए
5.) क्या तिल खिचड़ी सेहत के लिए अच्छी है?
उत्तर: हाँ, तिल खिचड़ी: हड्डियों के लिए अच्छी पाचन में सहायक शरीर को गर्म रखती है ऊर्जा देती है
6.) तिल खिचड़ी में कौन-सी दाल सबसे अच्छी रहती है?
उत्तर:- मूंग दाल (हल्की और सुपाच्य) उड़द दाल (ज्यादा ताकत देने वाली)
7.) क्या तिल खिचड़ी बच्चों को दी जा सकती है?
उत्तर: हाँ, लेकिन तिल कम मात्रा में डालें और मसाले हल्के रखें।
8.) क्या तिल खिचड़ी व्रत में खा सकते हैं?
उत्तर: व्रत के अनुसार अगर चावल की अनुमति हो, तो सादा तिल खिचड़ी खाई जा सकती है।
9.) क्या तिल खिचड़ी व्रत में खा सकते हैं?
व्रत के नियमों पर निर्भर करता है।
10. तिल खिचड़ी कैसे परोसी जाती है?
घी, दही, अचार या पापड़ के साथ।
10. Khichdi Banate Time Common Mistakes (Aur Unke Solutions)
1. तिल सीधे बिना भुने डाल देना
गलती: कच्चे तिल से कड़वाहट और भारीपन आ सकता है।
समाधान: तिल को हल्का-सा सूखा भून लें, जब चटकने लगें तब उतारें।
2. तिल ज़्यादा मात्रा में डाल देना
गलती:- खिचड़ी बहुत भारी और गरम हो जाती है।
समाधान:- 1 कप चावल-दाल के लिए 1–2 छोटी चम्मच तिल पर्याप्त हैं।
3. दाल–चावल का अनुपात गलत रखना
गलती:- कभी बहुत गाढ़ी, कभी बहुत पतली खिचड़ी।
समाधान: सामान्य खिचड़ी: चावल 1 कप : दाल ½ कप नरम खिचड़ी: पानी थोड़ा अधिक रखें।
4. तिल बहुत तेज़ आँच पर भूनना
गलती: तिल जल जाते हैं और स्वाद खराब हो जाता है।
समाधान: हमेशा धीमी आँच पर भूनें और लगातार चलाते रहें।
5. मीठी तिल खिचड़ी में गुड़ जल्दी डाल देना
गलती: गुड़ से दाल-चावल सख़्त हो सकते हैं।
समाधान: खिचड़ी पक जाने के बाद ही गुड़ डालें।
6. ज़्यादा मसाले डाल देना
गलती: तिल का असली स्वाद दब जाता है।
समाधान: केवल जीरा, हल्दी और थोड़ा अदरक पर्याप्त हैं।
7. खिचड़ी को ज़्यादा देर तक खुला छोड़ देना
गलती: ऊपर से सूखी और नीचे से गाढ़ी हो जाती है।
समाधान: पकने के बाद ढककर रखें और परोसते समय चलाएँ।
1). शरीर को गर्म रखती है:- तिल और घी की गर्म होती है, जो सर्दियों में बहुत फायदेमंद है।हड्डियों को मजबूत बनाती है तिल में कैल्शियम भरपूर होता है, जो हड्डियों और दाँतों के लिए अच्छा है।
2). पाचन में सहायक:- मूंग दाल हल्की होती है और पाचन तंत्र को मजबूत करती है। ऊर्जा और ताकत देती है गुड़ आयरन का अच्छा स्रोत है, जिससे शरीर में कमजोरी नहीं आती।
12. Conclusion
तिल खिचड़ी केवल एक व्यंजन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और स्वास्थ्य का सुंदर संगम है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर इसे बनाकर न केवल आप अपने परिवार को स्वादिष्ट भोजन खिलाते हैं, बल्कि सदियों पुरानी भारतीय परंपरा को भी जीवित रखते हैं। इस मकर संक्रांति पर सूर्य देव की कृपा से आपके जीवन में स्वास्थ्य, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे। यह रेसिपी बनाना बहुत ही आसान है जितना कठिन इसका नाम लेना है उतना ही इजी इसे बनाना है तिल की खिचड़ी आप नॉर्मल खिचड़ी के जैसा ही बना सकते हैं और बच्चे तो बच्चे बूढ़े भी इसे बहुत ही शौक से खाएंगे साथ ही आप अपने पड़ोसियों को भी दे सकते हैं माना जाता है कि पुराने सालों से अपने पड़ोसी को और तो और बच्चे बूढ़े को यह खिचड़ी बनाकर दिया जाता है जो भी दोष रहता है वह सारे मिट जाते हैं तो आप इसे एक बार जरूर ट्राई कीजिएगा और यह रेसिपी बहुत ही खास है। आपको इस आर्टिकल के माध्यम से कुछ भी डाउट हो तो आप मुझे कमेंट के माध्यम से पूछ सकते हैं