गोंद के लड्डू भारतीय रसोई की एक पुरानी और पौष्टिक रेसिपी है, जिसे खास तौर पर सर्दियों में बनाया जाता है। सर्दियों में गोंद के लड्डू बनाने की पूरी प्रक्रिया विस्तार से, चरण-दर-चरण, की रेसिपी दी जा रही है। इसमें आपको विधि, सामग्री, फायदे, टिप्स, ट्रिक्स, सावधानियाँ यह एक लंबा, विस्तार और व्यावहारिक गाइड है, जिसे पढ़कर कोई भी व्यक्ति आसानी से स्वादिष्ट, पौष्टिक और परंपरागत गोंद के लड्डू बना सकता है।स्टोरेज टिप्स तथा पूरे लड्डू बनाने की प्रक्रिया का पूरा विस्तार मिलेगा। How to make Gond Laddu recipe गोंद के लड्डू कैसे बनाएं | हमारी दादी-नानी के कहा करती है। यह लड्डू न केवल स्वादिष्ट होते हैं बल्कि अत्यंत स्वास्थ्यवर्धक भी होते हैं। इनमें मौजूद गोंद (Edible Gum), घी, मेवे, आटा, गुड़ और मसाले शरीर को गर्माहट, ऊर्जा और शक्ति प्रदान करते हैं। सर्दियों का मौसम अपने आप में एक खास एहसास लेकर आता है। भारत की रसोई में सदियों से ठंडी सुबहें, गर्म धूप, गरमागरम खाना और शरीर को ताकत देने वाली पारंपरिक मिठाइ गोंद के लड्डू । इन्हीं में सबसे खास नाम है गोंद के लड्डू। पोषण का खजाना माने जाते हैं। बच्चों को सर्दी से बचाव के लिए और बुज़ुर्गों को जोड़ों के दर्द में राहत के लिए खाते हैं। और बनाये जाते हैं। गोंद के लड्डू बनाई जाती हैं। इन्हें ऊर्जा बूस्टर स्नैक की तरह खा सकते हैं।खासतौर पर कमाल ऊर्जा पदान करता हैं। इस रेसिपी में हम न सिर्फ गोंद के लड्डू बनाना सीखेंगे बल्कि यह भी समझेंगे कि हर सामग्री का क्या महत्व है, कौन-से विकल्प इस्तेमाल किए जा सकते हैं और इन्हें कैसे स्टोर करें ताकि पूरे मौसम भर इनका आनंद लिया जा सके। चलिए शुरू करते हैं एक बेहद विस्तृत और परफेक्ट रेसिपी के साथ | How to make Gond Laddu recipe गोंद के लड्डू कैसे बनाएं |
How to make Gond Laddu recipe गोंद के लड्डू कैसे बनाएं |
सीखेंगे:
How to make Gond Laddu recipe
• गोंद क्या है और किस गोंद का उपयोग करना चाहिए
• आवश्यक सामग्री (विस्तार से)
• आटा भुनने की कला
• गुड़ को पिघलाने का मंत्र
• लड्डू को सेट करने का सही समय
• स्वाद बढ़ाने के उपाय
• आम गलतियाँ और उनके समाधान
• भंडारण, शेल्फ-लाइफ व सेवन विधि
यह लेख जिसे पढ़कर आप न केवल गोंद के लड्डू बना पाएँगे, बल्कि इसकी सांस्कृतिक और पोषण संबंधी महत्ता को भी जान पाएँगे।
गोंद क्या होता है?
भारत में लड्डू बनाने के लिए जो गोंद इस्तेमाल होता है गोंद (Edible Gum) एक प्राकृतिक पदार्थ है जो पेड़ों के तने से निकलता है। भारत में आमतौर पर कई प्रकार के गोंद का उपयोग लड्डू में किया जाता है।जैसे:
• बबूल का गोंद (Gond Badam)
• गोंद कतीरा (Thickener Gum)
• महुआ गोंद
• पलाश गोंद
(1) गोंद बबूल / गोंद बूरा
• लड्डू में अक्सर इसी का उपयोग होता है।
• यह भूरा या हल्का काला होता है।
• तलने पर फूलकर कुरकुरा हो जाता है।
• लड्डू के लिए सबसे उत्तम
• शरीर में गर्माहट और ताकत बढ़ाता है
(2) गोंद कतीरा
• सफेद और पारदर्शी
• आमतौर पर भिगोकर पेय में उपयोग
• गर्मी नहीं, बल्कि ठंडक देता है, इसलिए लड्डू में कम उपयोग
(3) महुआ का गोंद / खजूर का गोंद
• चिपचिपा और मीठा
• कुछ क्षेत्रों में प्रयोग होता है
लेकिन लड्डू बनाने के लिए आमतौर पर बबूल का गोंद सबसे अच्छा माना जाता है।घर के लड्डू के लिए गोंद बबूल सबसे उत्तम माना जाता है क्योंकि यह सर्दियों में शरीर को ऊर्जा और गर्माहट देता है। यह तली जाने पर फूलकर कुरकुरा हो जाता है और इसका स्वाद लड्डू में बेहद शानदार लगता है।
इसके स्वास्थ्य लाभ भी अनगिनत हैं/
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शरीर को गर्म रखता है हड्डियों को मजबूती देता है
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प्रसूति के बाद महिलाओं को ताकत देता है
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बच्चों को सर्दी-खाँसी से बचाता है
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शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
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जोड़ों के दर्द में राहत
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पाचन सुधारता है
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एनर्जी का शानदार स्रोत
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पोषण देता है
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बुज़ुर्गों को जोड़ों के दर्द में राहत
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स्वास्थ्य के लिए काभी लाभदायक साबित हैं।
जब हम गोंद के फायदे समझ चुके हैं, चलिए रेसिपी की ओर बढ़ते हैं।
आवश्यक सामग्री
यह मात्रा लगभग सामग्री 25–30 लड्डू बनाने के लिए पर्याप्त है।यदि आप छोटे लड्डू बनाते हैं, तो यह 35–40 तक जा सकते हैं।
मुख्य सामग्री:
• गोंद बबूल – 100 ग्राम
• गेहूँ का आटा – 500 ग्राम
• देसी घी – 300–350 ग्राम(कुछ लोग 400 ग्राम भी लेते हैं)
• गुड़ (देशी गुड़ / बूरा) — 400–500 ग्राम (स्वाद अनुसार घटा–बढ़ा सकते हैं)
यह सामग्री ज़रूरी?
• गोंद: शरीर की सूजन कम करता है, जोड़ मजबूत करता है
• आटा: लड्डू को बेस देता है और पाचन में हल्का
• घी: ऊर्जा, लचीलापन, गर्माहट
• गुड़: खनिज, आयरन, मीठा स्वाद और प्राकृतिक मिठास
मेवे (Dry Fruits):
ये मात्रा आप अपने बजट या पसंद के अनुसार बदल सकते हैं।
• बादाम – 100 ग्राम
• काजू – 100 ग्राम
• अखरोट – 50 ग्राम
• पिस्ता – 25 ग्राम
• किशमिश – 50 ग्राम
• सूखा नारियल कद्दूकस किया हुआ – 100 ग्राम
• चिरौंजी – 50 ग्राम
मेवों की भूमिका:
• प्रोटीन
• Healthy fats
• कैल्शियम
• मस्तिष्क शक्ति
[ ] मसाले:
• इलायची पाउडर – 1 छोटा चम्मच
• सौंफ पाउडर – 1 छोटा चम्मच
• सोंठ (सूखी अदरक) पाउडर – 1 छोटा चम्मच
• जायफल पाउडर – एक चुटकी (वैकल्पिक)
• अजवाइन – ½ चम्मच (सर्दियों के लिए बेहद उपयोगी)
• काली मिर्च पाउडर – 1 चम्मच
• काला तिल – 2–3 चम्मच
• मेथी दाना पाउडर – 1–2 चम्मच (हड्डियों के लिए फायदेमंद)
• गोंद कतीरा – 1–2 चम्मच अतिरिक्त टोनिक के लिए
जरूरी बर्तन
• कढ़ाई (हेवी-बॉटम)
• करछी
• प्लेट
• चलनी
• बड़ा मिक्सिंग बाउल
यह मसाले लड्डू के स्वाद और गर्माहट को बढ़ाते हैं।
गोंद को तलने की पारंपरिक विस्तार विधि (Step-by-Step Recipe)
नीचे दी गई इस रेसिपी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस विधि बहुत ही धीमी, समझदार और पारंपरिक तरीके से लिखी गई है ताकि पहली बार बनाने वाले भी बेहतरीन लड्डू तैयार कर सकें। नही तो गोंद सही तरह से न तला जाए, तो या तो वह कड़ा रह जाता है या जल जाता है।
[ ] आटा भूनें
• आटे को भूनना गोंद के लड्डू की जान है!
सबसे पहले एक भारी तली वाली कढ़ाई लें। एक बड़ी कढ़ाई में लगभग 2–3 बड़े चम्मच घी डालें। और गैस को मध्यम आंच पर रखें। (लगभग 200–250 ग्राम) और आटे को डालकर धीमी आँच पर लगातार चलाते हुए भूनें। आटा धीमी से मध्यम आँच पर डालें।लगातार चलाते रहें ताकि आटा जले नहीं।
• 12–20 मिनट तक लग सकते हैं।भूनें (मात्रा पर निर्भर)।
[ ] कैसे पहचानें कि आटा भूना है?
• रंग हल्का सुनहरा हो जाएगा
• खुशबू आने लगेगी
• आटा हल्का फुल्का और दाना-दाना दिखने लगेगा
यही वह पॉइंट है जिससे लड्डू का स्वाद तय होता है। जब आटा अच्छे से भुन जाए तो गैस बंद कर दें और इसे हल्का ठंडा होने दें।
भूनने के दौरान पहचान | ध्यान रखने योग्य बातें:
पहचा न मतलब कच्ची महक आए अभी नहीं पका हल्की महक आए ठीक हो रहा तेज सुगंध व हल्का भूरा रंग परफेक्ट हैं।
[ ] सूखे मेवे भूनने का चरण (Dry fruits roasting step)
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मेवों को ज्यादा नहीं भूनना चाहिए।
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अब उसी कढ़ाई में थोड़ा सा घी डालकर:
• बादाम, काजू, अखरोट, पिस्ता हल्का-सा भूनें।
• बादाम को हल्का सुनहरा भूनें
• काजू को हल्का कुरकुरा भूनें
• पिस्ता (बहुत कम समय)
• अखरोट (कम आँच पर)
• चिरौंजी हल्की भूनें
• नारियल बूरा भी थोड़ा सा भून लें
भूनने के फायदे:
नमी निकल जाती है
स्वाद बढ़ जाता है
लड्डू लंबे समय तक खराब नहीं होते
अब इन सभी को ठंडा होने दें और हल्का क्रश कर लें। नीचे उतारकर देर में काटें या कूटें। किशमिश को अंत में डालें और तुरंत निकालें। एक बड़ा मिक्सिंग बाउल लें।
[ ] मसालों की तैयारी
अब इलायची पाउडर, जायफल पाउडर, सौंठ, अजवाइन और काली मिर्च मिलाएँ। ये सारी चीजें सर्दियों के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं।
शरीर को गर्म रखती हैं
पाचन बढ़ाती हैं
एनर्जी लेवल बढ़ाती हैं
[ ] गुड़ पिघलाने की परफेक्ट तकनीक – जिसमें गुड़ नहीं जले
सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं गुड़ को सीधे कढ़ाई में तेज आँच पर पिघलाते हैं, जिससे उसका कंपोज़िशन खराब हो जाता है।
ध्यान:
• गुड़ को ज्यादा गर्म न करें
• इसे सिर्फ पिघलाना है
• उबाल नहीं आने देना
जब गुड़ पूरी तरह पिघल जाए तो इसे छान लें (यदि इसमें कोई कचरा हो छान लें )।
[ ] गुड़ का सिरा / गुड़ पिघलाना
सही तरीका:
अब एक अलग कढ़ाई/पैन लें और उसमें 2–3 चम्मच पानी डालें। गुड़ को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लें।
• उसमें गुड़ डालें।
• इसके बाद गुड़ डालें और धीमी आँच पर इसे पिघलने दें।धीमी आँच पर पकाएँ।
• जब गुड़ पिघल जाए तो गैस बंद कर दें।
• इसे छान लें ताकि मिट्टी या गंदगी हट जाए। अब लड्डू का मिश्रण तैयार करें
गाढ़ापन कैसा हो?
– पतली चाशनी
– केवळ बहने लायक
– तार वाली चाशनी की जरूरत नहीं
सब कुछ मिलाकर मिश्रण तैयार करना यह चरण बहुत महत्वपूर्ण है। यदि मिश्रण सही नहीं बैठा तो लड्डू टूटेंगे, बिखरेंगे या चिपचिपे होंगे।
तरीका:
• एक बड़े मिक्सिंग बाउल में भुना आटा डालें
• इसमें पिसा हुआ गोंद डालें
• सभी भुने मेवे डालें
• मसाले मिलाएँ
• अब गर्म गुड़ की चाशनी डालें
• पहले चम्मच से मिलाएँ
• जब थोड़ा गुनगुना रह जाए, हाथ से गूँथें
परफेक्ट मिश्रण की पहचान:
• न बहुत सूखा
• न बहुत गीला
• हाथ पर पकड़ने पर चिपके नहीं
• गोल आकार में आसानी से सेट हो जाए
लड्डू बनाना (Shaping Step in Detail)
कैसे बनाएं?
-
हाथ में थोड़ा घी लगाएँ
• मिश्रण की मुट्ठी भरकर दबाएँ
• धीरे-धीरे गोल आकार दें
• ज्यादा दबाएँ नहीं — वरना लड्डू कड़े हो सकते हैं मिश्रण थोड़ी देर गुनगुना रहने पर ही लड्डू बनाना आसान होता है। थोड़ा-थोड़ा मिश्रण लेकर गोल लड्डू बनाएँ। अगर लगता है कि मिश्रण सूखा है तो थोड़ा सा गर्म घी डाल सकते हैं।या बर्तन को 10–15 सेकंड गैस पर रखें अगर ज्यादा नरम है तो थोड़ा आटा या सूखा नारियल मिला सकते हैं। जब सभी लड्डू बन जाएँ, उन्हें ट्रे में रख दें और 2–3 घंटे खुला छोड़ दें।
स्टोरेज (संभालकर रखने का तरीका)
गोंद के लड्डू को आप:
• एयरटाइट डिब्बे में
• ठंडी व सूखी जगह पर
• 2–3 महीने तक आसानी से रख सकते हैं
अगर घी की मात्रा सही है और सामग्री अच्छी तरह भुनी है तो ये लंबे समय तक खराब नहीं होते।
• स्वाद बढ़ता है
• पाचन आसान होता है
• लड्डू लंबे समय तक टिकते हैं।
[ ] सर्विंग टिप्स
• रोज़ सुबह 1 लड्डू नाश्ते के साथ
• व्यायाम के बाद ऊर्जा के लिए
• गर्भावस्था के बाद (डॉक्टर सलाह अनुसार)
• बुज़ुर्गों के लिए दोपहर में 1 छोटा लड्डू
अतिरिक्त टिप्स
• घी हमेशा देसी ही लें
• गुड़ जितना अच्छा होगा, स्वाद उतना शानदार
• आटा अच्छे से भुना होना चाहिए
• लड्डू हमेशा गुनगुने मिश्रण से बनाए
• एक बार में ज्यादा न बनाएं, बैच में बनाएं
स्वास्थ्य लाभ (Benefits)
प्रसूति के बाद महिलाओं के लिए
गोंद + घी + मेवे शरीर को ताकत देते हैं और कमजोरी दूर करते हैं।
बच्चों के लिए
सर्दी से बचाते हैं और इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
बुज़ुर्गों के लिए
हड्डियों और जोड़ों के दर्द में फायदा।
सर्दियों के मौसम में
शरीर को गर्म रखने में मदद।
निष्कर्ष
भारत की पारंपरिक रसोई में कुछ ऐसी रेसिपि हैं जो सिर्फ भोजन नहीं बल्कि शारीरिक शक्ति, स्वास्थ्य और संस्कृति का प्रतीक होती हैं। गोंद के लड्डू सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि पूरी तरह से एक आयुर्वेदिक ऊर्जा पैक हैं। सर्दियों में शरीर को गर्म रखने, इम्यूनिटी बढ़ाने, ताकत देने और कई बीमारियों से बचाने में इनका कोई जवाब नहीं। घर पर बने हुए लड्डू बाज़ार के किसी भी लड्डू से कई गुना बेहतर होते हैं—क्योंकि उनमें शुद्ध घी, शुद्ध सामग्री और आपका प्यार शामिल होता है। एक बार आप ये रेसिपी फॉलो करके लड्डू बना लेंगे तो यकीन मानिए—घर वाले इनके दीवाने हो जाएंगे। यदि आप चाहें तो मैं कम सामग्री वाली रेसिपी, डायबिटिक फ्रेंडली वर्ज़न, बिना गुड़ के वर्ज़न, या प्रसूति के बाद वाली स्पेशल रेसिपी भी बता सकता हूँ। गोंद के लड्डू उन्हीं में से एक हैं। विशेष रूप से सर्दियों में ये एक औषधीय भोजन का काम करते हैं। इन लड्डुओं का इतिहास इतना पुराना है कि भारतीय दादी-नानियों के पास इसके अनगिनत रूप मिल जाते हैं। कहीं इसमें मेथी डाली जाती है, कहीं गुड़ की खटास, कहीं नारियल की मिठास, तो कहीं सूखे मेवे की भरमार। परंतु सबसे महत्त्वपूर्ण और आम रूप है देसी घी, गोंद, आटा, मेवे और गुड़ से बना पारंपरिक गोंद का लड्डू, जो न केवल ऊर्जा देता है बल्कि सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्म भी रखता है।
गोंद के लड्डू में होने वाली आम गलतियाँ और समाधान
गलती 1 – गोंद फूलता नहीं
समाधान: घी पर्याप्त गरम करें।
गलती 2 – लड्डू बन नहीं रहे
समाधान: मिश्रण सूखा है, थोड़ा गरम घी डालें।
गलती 3 – लड्डू चिपचिपे हैं
समाधान: गुड़ ज्यादा है, थोड़ा आटा या नारियल मिलाएँ।
गलती 4 – स्वाद फीका लग रहा है
समाधान: मसाले थोड़ा और मिलाएँ – खासकर इलायची।
10 शानदार वैरिएशन जो आप आजमा सकते हैं
1. मल्टीग्रेन गोंद लड्डू
बाजरा + ज्वार + रागी + गेहूँ = बेहतरीन सर्दियों का आहार।
2. मेथी वाला गोंद लड्डू
जोड़ों के दर्द और मधुमेह के लिए उपयोगी।
3. चॉकलेट गोंद लड्डू (बच्चों के लिए)
थोड़ा कोको पाउडर मिलाएँ।
4. खजूर वाले लड्डू
गुड़ की जगह खजूर का महीन पेस्ट।
5. कोकोनट-गोंद लड्डू
दक्षिण भारतीय स्वाद।
6. पीनट-गोंद लड्डू
सस्ता और प्रोटीन से भरपूर।
7. ओट्स-गोंद लड्डू
डाइट-फ्रेंडली सुपरफूड।
8. ड्राईफ्रूट-भरावन लड्डू
बीच में बादाम या काजू का भराव।
9. शक्कर की जगह खांड वाले लड्डू
पुराने लोग इसे सबसे उत्तम मानते हैं।
10. केसर-इलायची रिच लड्डू
मंदिर प्रसाद जैसा स्वाद।
गोंद के लड्डू कब और कैसे खाएँ?
सुबह खाली पेट — 1 लड्डू
सर्दियों में बच्चों को — ¼–½ लड्डू
बुजुर्गों को — ½ लड्डू
प्रसव के बाद महिलाओं को — डॉक्टर की सलाह से 1–2 लड्डू
स्टोरेज और शेल्फ लाइफ
• एयरटाइट कंटेनर में रखें
• सर्दियों में बिना फ्रिज 1–2 महीने रह सकते हैं
• फ्रिज में रखने की ज़रूरत नहीं
• नमी से बचाकर रखें
लड्डू का स्वाद बढ़ाने की विशेष टिप्स
• घी हमेशा देसी लें
• आटा धीमी आँच पर भूनें
• गोंद को कभी बड़ी मात्रा में न तलें
• गुड़ देसी और साफ हो
• मेवे दरदरे रहने दें, पाउडर न करें
गोंद के प्रकार
सही सामग्री
गोंद तलने की कला
आटा भूनने की तकनीक
गुड़ चाशनी का रहस्य
मिश्रण तैयार करना
लड्डू आकार देना
स्टोरेज
10+ वैरिएशन
आम गलतियों के समाधान
अब आप किसी भी मौसम, खासकर सर्दियों में, परफेक्ट गोंद के लड्डू तैयार कर सकते हैं — नर्म, स्वादिष्ट, पौष्टिक और ऊर्जा से भरपूर।
गोंद के लड्डू में होने वाली आम गलतियाँ और समाधान
गलती 1: गोंद सही तरह से नहीं फूलता
घी पर्याप्त गरम नहीं था।
गलती 2: लड्डू टूटते हैं
मिश्रण सूखा है। थोड़ा घी या गुड़ की चाशनी डालें।
गलती 3: लड्डू चिपचिपे हैं
गुड़ ज्यादा था। थोड़ा आटा या सूखा नारियल मिला दें।
गलती 4: लड्डू बासी लगते हैं
आटा अच्छे से नहीं भुना।
विभिन्न वैरिएशन (10 Variations)
1. मल्टीग्रेन गोंद के लड्डू
बाजरा, ज्वार, रागी मिलाएं।
2. गुड़ की जगह खजूर
डायबिटिक लोगों के लिए बेहतर।
3. बिना घी वाले लड्डू
बहुत हल्के और डाइट-फ्रेंडली।
4. प्रोटीन रिच लड्डू
चिया, फ्लैक्ससीड, पीनट पाउडर शामिल करें।
5. गोंद-मेथी लड्डू (डायबिटीज फ्रेंडली)
मेथी दाना भूंजकर मिलाएँ।
6. सूजी वाला गोंद लड्डू
थोड़ा सूजी मिलाने से कुरकुरापन बढ़ता है।
7. काजू-कोकोनट गोंद लड्डू
दक्षिण भारतीय स्वाद।
8. पीनट-गोंद लड्डू
सस्ता और स्वादिष्ट विकल्प।
9. केसर वाला रिच लड्डू
औषधीय और महकदार।
10. बच्चों के लिए चॉकलेट गोंद लड्डू
कोको पाउडर मिलाएँ।
गोंद के लड्डू कैसे खाएँ? (Consumption guide)
वयस्क
सुबह 1 लड्डू + गर्म दूध।
बुजुर्ग
½ से 1 लड्डू।
बच्चों के लिए
¼ से ½ लड्डू।
नई माँ (Postpartum)
1–2 लड्डू डॉक्टर की सलाह से।
शेल्फ लाइफ (Storage Guide)
• एयरटाइट बॉक्स में रखें।
• बाहर 1 महीने तक सुरक्षित।
• ठंडे मौसम में 2 महीने भी टिक सकते हैं।
• फ्रिज में रखना आवश्यक नहीं।
अतिरिक्त टिप्स जो लड्डू का स्वाद 3 गुना बढ़ा दें
• आटे को हमेशा धीमी आँच पर ही भूनें।
• गोंद को ज्यादा तलने से बचें।
• मेवे बारीक नहीं, दरदरे करें।
• गुड़ की क्वालिटी बेहतर हो (देशी गुड़)।
• घी जितना शुद्ध होगा, स्वाद उतना बेहतर
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How to make Gond Laddu recipe गोंद के लड्डू कैसे बनाएं |
